Zelensky: दुनिया एक बार फिर यूक्रेन संकट को लेकर बड़ी उम्मीदों की ओर देख रही है। लंबे समय से जारी जंग ने न केवल यूक्रेन बल्कि पूरे यूरोप और विश्व को असुरक्षा की लकीरों में बाँध दिया है। इसी बीच अमेरिका के व्हाइट हाउस में हुई अहम बैठक ने उम्मीद की नई किरण जलाई है। इस मुलाकात में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और अन्य यूरोपीय नेता यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ एकजुट दिखे और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर सीधा दबाव बनाने की बात कही।
“सकारात्मक और रचनात्मक” रही बैठक

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस बैठक को “अच्छी और रचनात्मक” बताया। उन्होंने कहा कि इस बातचीत से “वास्तविक प्रगति” हासिल हुई है। स्टार्मर के अनुसार इस मुलाकात में यूरोपीय नेताओं, राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच असली एकता देखने को मिली। यह एकता केवल यूक्रेन ही नहीं बल्कि पूरे यूरोप और ब्रिटेन की सुरक्षा के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
सुरक्षा गारंटी पर बनी सहमति
इस बैठक के दो बड़े परिणाम सामने आए। पहला, यह तय हुआ कि “इच्छुक देशों का गठबंधन” अब अमेरिका के साथ मिलकर सुरक्षा गारंटी पर काम करेगा। यह फैसला न केवल यूक्रेन बल्कि पूरे यूरोप के लिए सुरक्षा की दृष्टि से बेहद अहम है। दूसरा, इस समझौते ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूक्रेन को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
पुतिन पर बढ़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव
इन बातचीतों का असली मकसद रूस को यह संदेश देना था कि युद्ध किसी समाधान का रास्ता नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप और यूरोपीय नेताओं का यह दबाव पुतिन के लिए एक कड़ा संकेत है कि अगर वे संवाद के रास्ते पर नहीं आते, तो वैश्विक गठबंधन रूस के खिलाफ और सख्त कदम उठा सकता है। इस वजह से अब पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पुतिन जेलेंस्की से मुलाकात के लिए राज़ी होंगे।
यूक्रेन के लिए नई उम्मीद

जंग की वजह से यूक्रेन के लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। हर रोज़ वहां की ज़िंदगी मुश्किलों में गुजर रही है। ऐसे में अगर यह मुलाकात होती है तो यह न सिर्फ युद्धविराम की दिशा में एक कदम होगा बल्कि उन परिवारों के लिए भी नई उम्मीद बनेगी जो शांति और स्थिरता की आस लगाए बैठे हैं।
व्हाइट हाउस में हुई इस बैठक ने दुनिया को दिखा दिया कि जब बड़ी शक्तियाँ एकजुट होती हैं, तो बदलाव संभव है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राष्ट्रपति पुतिन अंतरराष्ट्रीय दबाव को कितना महत्व देते हैं और क्या वे वास्तव में राष्ट्रपति जेलेंस्की से आमने-सामने वार्ता के लिए तैयार होते हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह जंग खत्म करने और लाखों मासूमों की ज़िंदगी बचाने की दिशा में सबसे अहम कदम साबित होगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है। इसमें व्यक्त विचार किसी भी प्रकार की राजनीतिक राय या परामर्श का प्रतिनिधित्व नहीं करते। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे इस विषय पर आगे की जानकारी विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त करें।