Sensex rises: जब भी शेयर बाजार की बात होती है, तो हर निवेशक की दिलचस्पी बढ़ जाती है। हमारे देश के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने मंगलवार को एक बड़ी उछाल दिखाई, जिसने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। इस तेजी के पीछे कई कारण थे, लेकिन सबसे अहम वजह थी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अलास्का में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक।
ट्रम्प-पुतिन की बैठक से उम्मीदों का सवेरा

जब दुनिया के दो बड़े नेता, जो रूस-यूक्रेन संकट जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने वाले हैं, मिलते हैं, तो इसका असर न केवल कूटनीति पर पड़ता है बल्कि शेयर बाजार पर भी दिखता है। इस बैठक की संभावित सकारात्मक दिशा ने भारतीय बाजारों में निवेशकों का उत्साह बढ़ा दिया। निवेशकों ने उम्मीद जताई कि इस चर्चा से वैश्विक आर्थिक स्थिति में स्थिरता आएगी, जिससे बाजारों को बल मिलेगा।
बाजार में मजबूती के संकेत और प्रमुख शेयरों की बढ़त
शुरुआत में सेंसेक्स ने 206 अंक की गिरावट देखी, लेकिन बाद में वह 350 अंकों से अधिक उछलकर 80,674.66 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी ने भी 24,600 का मनोवैज्ञानिक स्तर पार किया। इस तेजी का लाभ कई बड़े कंपनियों को हुआ, जिनमें मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, हीरो मोटोकॉर्प, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा स्टील जैसे दिग्गज शामिल थे। इन शेयरों में 3 प्रतिशत तक की बढ़त देखी गई, जिससे निवेशकों का विश्वास और भी मजबूत हुआ।
एशियाई बाजारों से सकारात्मक संकेत
भारतीय बाजारों की मजबूती में एशियाई बाजारों की भी बड़ी भूमिका रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, शंघाई का SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सभी में तेजी देखी गई। साथ ही, वॉल स्ट्रीट के भविष्य के संकेत भी सकारात्मक थे, जिसने ग्लोबल मार्केट्स में उत्साह जगाया।
रुपया मजबूत, आईटी सेक्टर में तेजी
भारतीय रुपये ने भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे की बढ़त दर्ज की और 87.65 के स्तर पर कारोबार किया। इस मजबूती ने घरेलू बाजारों को और समर्थन दिया। वहीं, आईटी सेक्टर ने भी बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई। निफ्टी आईटी इंडेक्स में ओरैकल फाइनेंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, कोफोर्ज़ और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों ने बढ़त दिखाई। निवेशकों को उम्मीद है कि सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती की संभावना इस सेक्टर को और मजबूत करेगी।
तकनीकी विश्लेषण निफ्टी के आगे के रास्ते

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निफ्टी 24,590 के स्तर से ऊपर बना रहता है, तो 25,000 के पार जाना संभव है। हालांकि, अगर यह 24,450 के नीचे गिरता है, तो बाजार की गति कमजोर हो सकती है। फिर भी, 24,049 के स्तर का समर्थन बनाए रखना जरूरी होगा, अन्यथा बाजार में गिरावट आ सकती है।
मंगलवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत भरा रहा। वैश्विक राजनीतिक घटनाओं, एशियाई बाजारों की मजबूती, रुपया की स्थिरता और आईटी सेक्टर की चमक ने निवेशकों का विश्वास जगाया। हालांकि, निवेश हमेशा जोखिम से भरा होता है, इसलिए हर निवेशक को सोच-समझ कर कदम उठाना चाहिए और विशेषज्ञों से सलाह जरूर लेनी चाहिए। बाजार की अस्थिरता के बावजूद सकारात्मक सोच और समझदारी से निवेश करना ही सफलता की कुंजी है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना के लिए है। निवेश से पहले कृपया प्रमाणित वित्तीय विशेषज्ञ या सलाहकार से सलाह लें। लेख में व्यक्त विचार Moneycontrol या संबंधित वेबसाइट के प्रबंधन के नहीं, बल्कि विशेषज्ञों के अपने विचार हैं।