Reliance Industries AGM 2025: अंबानी का बड़ा ऐलान, डिजिटल और रिटेल से होगी अगली छलांग

Rashmi Kumari -

Published on: August 29, 2025

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Reliance Industries: भारत की सबसे बड़ी और भरोसेमंद कंपनियों में से एक Reliance Industries लिमिटेड (RIL) आज अपनी 48वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) कर रही है। करीब 44 लाख से अधिक शेयरहोल्डर्स की उम्मीदें इस बैठक से जुड़ी हुई हैं, क्योंकि हर साल की तरह इस बार भी चेयरमैन मुकेश अंबानी ऐसे बड़े ऐलान करने वाले हैं जो कंपनी के भविष्य और निवेशकों दोनों के लिए दिशा तय कर सकते हैं।

शेयर बाजार में बढ़त और निवेशकों का भरोसा

Reliance Industries AGM 2025: अंबानी का बड़ा ऐलान, डिजिटल और रिटेल से होगी अगली छलांग

AGM से ठीक पहले ही रिलायंस के शेयर हरे निशान पर कारोबार कर रहे थे और एनएसई पर यह ₹1,386 प्रति शेयर तक पहुंच गए। पिछले छह महीनों में स्टॉक में 15% की तेजी देखने को मिली है और साल 2025 की शुरुआत से अब तक इसमें 13% की बढ़त हुई है। कंपनी का P/E रेश्यो इस समय लगभग 20 के आसपास है, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।

रिटेल कारोबार बना नई ताकत

रिलायंस रिटेल अब देश का सबसे बड़ा रिटेल नेटवर्क बन चुका है। बीते वित्त वर्ष में कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू ₹3.31 लाख करोड़ रहा, जो पिछले साल से करीब 7.9% ज्यादा है। इस दौरान कंपनी ने 2,659 नए स्टोर्स खोले और अब इसका नेटवर्क 19,340 स्टोर्स तक पहुंच गया है। इसके साथ ही कंपनी के ग्राहक आधार ने 349 मिलियन का आंकड़ा पार कर लिया। फैशन, ज्वेलरी, फुटवियर और इलेक्ट्रॉनिक्स के कारोबार में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।

जियो की वैश्विक उड़ान

रिलायंस की दूरसंचार इकाई जियो देश में 5G और ब्रॉडबैंड सेवाओं में अग्रणी बनी हुई है। जियो ने अपनी इंडिजिनस टेक्नोलॉजी को भारत में सफलतापूर्वक लागू करने के बाद इसे वैश्विक स्तर पर ले जाने की योजना बनाई है। अभी जियो के पास 488 मिलियन यूजर्स हैं, जिनमें से लगभग 191 मिलियन 5G का इस्तेमाल कर रहे हैं। कंपनी अब 6G टेक्नोलॉजी पर भी रिसर्च कर रही है और भविष्य में वैश्विक नेतृत्व का लक्ष्य रखती है।

ऑयल-टू-केमिकल्स बिजनेस की चुनौतियां

हालांकि, RIL ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में माना कि भू-राजनीतिक और टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताएं उसके O2C (ऑयल-टू-केमिकल्स) कारोबार पर असर डाल सकती हैं। कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और नए रिफाइनरी प्रोजेक्ट्स के चलते मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। फिर भी भारत में ईंधन की मांग और डाउनस्ट्रीम केमिकल्स की खपत GDP से तेज बढ़ने की उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों का भरोसा

रेटिंग एजेंसी S&P का कहना है कि अगले 12 महीनों में RIL की रेटिंग अपग्रेड हो सकती है। एजेंसी के मुताबिक, कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा अब डिजिटल और रिटेल बिजनेस से आएगा, जो पारंपरिक ऑयल और गैस कारोबार की तुलना में ज्यादा स्थिर और अनुमानित है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज AGM 2025 केवल एक कॉर्पोरेट इवेंट नहीं, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि भारत का सबसे बड़ा बिजनेस ग्रुप किस तरह भविष्य की तैयारी कर रहा है। चाहे बात डिजिटल इंडिया की हो, रिटेल विस्तार की या फिर ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडरशिप की, मुकेश अंबानी की यह रणनीति भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की क्षमता रखती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सार्वजनिक रिपोर्ट्स और समाचारों पर आधारित है। यह किसी भी प्रकार की निवेश सलाह (Investment Advice) नहीं है। निवेश करने से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

Rashmi Kumari

मेरा नाम Rashmi Kumari है , में एक अनुभवी कंटेंट क्रिएटर हूं और पिछले कुछ वर्षों से इस क्षेत्र में काम कर रही हूं। फिलहाल, मैं The News Bullet पर तकनीकी, स्वास्थ्य, यात्रा, शिक्षा और ऑटोमोबाइल्स जैसे विषयों पर आर्टिकल लिख रही हूं। मेरा उद्देश्य हमेशा जानकारी को सरल और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक उसे आसानी से समझ सकें और उसका लाभ उठा सकें।

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