Lokah Chapter 1:- नई दिल्ली, 29 अगस्त 2025 — भारतीय सिनेमा में सुपरहीरो जॉनर हमेशा से एक चुनौतीपूर्ण प्रयोग रहा है। हॉलीवुड की फिल्मों के सामने भारतीय फिल्मों का स्केल अक्सर छोटा पड़ जाता है, लेकिन मलयालम फिल्म इंडस्ट्री ने एक साहसिक कदम उठाते हुए Lokah Chapter 1 के रूप में एक नया अध्याय लिखा है। निर्देशक डोमिनिक अरुण और निर्माता दुलकर सलमान द्वारा बनाई गई यह फिल्म न केवल अपने विज़ुअल्स और टेक्नोलॉजी के लिए चर्चित है, बल्कि इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें केंद्र में है — एक महिला सुपरहीरो।
Lokah Chapter 1:- चंद्रा का जन्म – एक महिला सुपरहीरो की ताकत

Lokah Chapter 1:- किरदार कल्याणी प्रियदर्शन फिल्म में “चंद्रा” नाम की सुपरहीरो का किरदार निभा रही हैं। भारतीय सिनेमा में जहां ज़्यादातर सुपरहीरो पुरुषों के रूप में गढ़े गए, वहीं यह फिल्म महिला को केंद्र में रखती है। चंद्रा का चरित्र प्रेरित है “नेली” नामक लोककथा की यक्षिणी से। लोककथाओं में उसे खलनायिका के रूप में दिखाया जाता रहा, लेकिन फिल्म में निर्देशक ने उसे समाज की रक्षक के रूप में पेश किया है।
कल्याणी ने इस रोल के लिए महीनों तक तैयारी की। उन्होंने मार्शल आर्ट्स और एक्शन कोरियोग्राफी की ट्रेनिंग ली ताकि उनका किरदार विश्वसनीय लगे। दर्शकों का कहना है कि उनके एक्शन सीन और स्क्रीन प्रेज़ेंस दोनों “गूसबम्प्स” पैदा करते हैं।
चमन चक्को की एडिटिंग और शानदार बैकग्राउंड स्कोर ने फिल्म की रफ्तार बनाए रखी। खासकर इंटरवल ब्लॉक की एडिटिंग इतनी तेज़ और प्रभावी है कि दर्शक सीट से उठने से पहले ही अगले हिस्से का इंतजार करने लगते हैं।
Lokah Chapter 1:- लेखन और कहानी का मिश्रण
डोमिनिक अरुण ने फिल्म के लेखन में बड़ी सावधानी बरती है। कहानी में लोककथा, मिथक और आधुनिक समय का संतुलन है। यह फिल्म केवल सुपरहीरो की शक्तियों पर आधारित नहीं है, बल्कि यह बताती है कि समाज में स्त्रियों के साथ किए गए अन्याय और भेदभाव को किस तरह पौराणिक रूप से पलटकर नया अर्थ दिया जा सकता है।
पहला आधा हिस्सा दर्शकों को पात्रों और उनकी दुनिया से जोड़ता है। वहीं दूसरा आधा हिस्सा तेज़-तर्रार एक्शन और क्लाइमेक्स पर आधारित है। हालांकि समीक्षकों का कहना है कि दूसरे हिस्से में कुछ जगहें थोड़ी जल्दबाज़ी में लिखी गई लगती हैं, फिर भी फिल्म अपनी पकड़ बनाए रखती है।
सोशल मीडिया और दर्शकों की प्रतिक्रिया

Lokah Chapter 1:- फिल्म रिलीज़ होते ही ट्विटर (अब X) पर #LokahChapter1 और #Chandra ट्रेंड करने लगे। दर्शकों ने कल्याणी प्रियदर्शन की तारीफों के पुल बांध दिए। एक यूज़र ने लिखा, “Mollywood ने भारत की अब तक की सबसे बेहतरीन सुपरहीरो फिल्म दी है। इंटरवल ब्लॉक गूज़बम्प्स देने वाला है।”
कई फैंस ने इसे Minnal Murali से भी आगे बताया। वहीं, फिल्म में दुलकर सलमान और टोविनो थॉमस के कैमियो रोल ने सोशल मीडिया पर और चर्चा पैदा कर दी।
फिल्म इंडस्ट्री के लिए महत्व
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री लंबे समय से अपनी सुपरहीरो यूनिवर्स बनाने का सपना देख रही है। बॉलीवुड ने कृष और रा.वन जैसे प्रयोग किए, लेकिन वह निरंतरता नहीं पकड़ पाए। इसके उलट, Lokah Chapter 1 ने एक स्पष्ट फ्रैंचाइज़ी प्लान और मज़बूत शुरुआत दी है।
यह फिल्म सिर्फ मलयालम सिनेमा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय सिनेमा के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। इसकी सफलता से अन्य क्षेत्रीय इंडस्ट्रीज़ को भी प्रेरणा मिल सकती है कि कैसे लोककथाओं और आधुनिक तकनीक को जोड़कर एक पैन-इंडिया सुपरहीरो फिल्म बनाई जा सकती है।
Lokah Chapter 1:- कमज़ोरियां और सुधार की गुंजाइश
जहां फिल्म ने विज़ुअल और कहानी से प्रभावित किया, वहीं कुछ कमियाँ भी साफ दिखाई देती हैं।
- दूसरे हिस्से में भावनात्मक गहराई कम हो जाती है।
- कुछ जगहों पर रोमांटिक सबप्लॉट कहानी को कमजोर करता है।
- खलनायक का किरदार उतनी गहराई से नहीं लिखा गया जितना होना चाहिए था।
फिर भी, यह आलोचनाएँ फिल्म की समग्र सफलता को कम नहीं करतीं।
निष्कर्ष
Lokah Chapter 1: Chandra भारतीय सिनेमा में सुपरहीरो फिल्मों का नया मानक तय करती है। यह फिल्म न सिर्फ एक महिला सुपरहीरो को केंद्र में रखती है, बल्कि लोककथाओं और आधुनिक सिनेमाई तकनीक को मिलाकर भारतीय दर्शकों के सामने एक नया अनुभव पेश करती है।
यह कहना गलत नहीं होगा कि “लोकाह” सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक नई सिनेमाई यात्रा की शुरुआत है — जहाँ भारतीय सुपरहीरो अब सिर्फ कल्पना नहीं, बल्कि सच्चाई बनते दिख रहे हैं।