NCERT: कभी वो दौर था जब हमारे देश की प्रगति बैलगाड़ी की रफ्तार से मापी जाती थी और आज वो वक्त है जब भारत ने चाँद पर अपना झंडा गाड़कर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। यह सफर केवल तकनीकी प्रगति का प्रतीक नहीं है बल्कि यह हमारे देश की मेहनत, सपनों और जज़्बे की कहानी भी कहता है। इसी कहानी को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए एनसीईआरटी ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा पर विशेष मॉड्यूल लॉन्च किए हैं, जो बच्चों को इस अद्भुत सफर से रूबरू कराएंगे।
नई पीढ़ी को मिलेगी भारत की अंतरिक्ष गाथा की झलक

एनसीईआरटी द्वारा तैयार किए गए ये मॉड्यूल न केवल पढ़ाई को आसान बनाएंगे बल्कि छात्रों के दिलों में गर्व और प्रेरणा की भावना भी जगाएंगे। इनमें भारत की अंतरिक्ष यात्रा को बेहद रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। बैलगाड़ी पर ले जाए गए पहले रॉकेट से लेकर चंद्रयान और गगनयान मिशन तक की पूरी झलक इन मॉड्यूल्स में मिलेगी। यह बच्चों को यह समझाने का एक प्रयास है कि सीमित साधनों के बावजूद भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान में कितनी बड़ी छलांग लगाई है।
तस्वीरों और टाइमलाइन से सजे हैं मॉड्यूल
इन मॉड्यूल्स की सबसे खास बात यह है कि इन्हें केवल टेक्स्ट तक सीमित नहीं रखा गया है। इसमें खूबसूरत तस्वीरें, आकर्षक डायग्राम और घटनाओं की टाइमलाइन जोड़ी गई है, ताकि बच्चों को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की यात्रा एक कहानी की तरह लगे। पढ़ाई का यह तरीका छात्रों को केवल किताबों तक नहीं बाँधेगा, बल्कि उन्हें खुद खोजने और समझने के लिए प्रेरित करेगा।
बैलगाड़ी से चाँद तक: एक प्रेरणादायक कहानी
जब दुनिया भारत को तकनीक के मामले में पीछे मानती थी, तब हमारे वैज्ञानिकों ने सीमित संसाधनों के बावजूद ऐसे काम किए जिनकी गूँज पूरी दुनिया में सुनाई दी। पहले रॉकेट को बैलगाड़ी पर ढोने से लेकर आज चंद्रमा और मंगल तक की सफल यात्राएँ करना, यह सफर किसी चमत्कार से कम नहीं है। यह कहानी सिर्फ अंतरिक्ष विज्ञान की नहीं बल्कि भारतीय आत्मविश्वास, धैर्य और संघर्ष की भी है।
छात्रों में बढ़ेगा आत्मविश्वास और गर्व

इन मॉड्यूल्स के जरिए छात्रों को यह संदेश मिलेगा कि अगर इच्छाशक्ति और मेहनत हो तो कोई भी सपना असंभव नहीं है। जैसे भारत ने बैलगाड़ी से चाँद तक का सफर तय किया, वैसे ही हर बच्चा अपने सपनों को सच कर सकता है। यह ज्ञान केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि उनके जीवन के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
भारत की अंतरिक्ष यात्रा दुनिया के सामने एक मिसाल है और एनसीईआरटी का यह कदम नई पीढ़ी को उस गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का एक बेहतरीन प्रयास है। जब बच्चे यह जानेंगे कि उनके देश ने कैसे सपनों को सच किया, तो वे खुद भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित होंगे। यह केवल पढ़ाई नहीं बल्कि आत्मगौरव और आत्मविश्वास की सीख है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और जानकारी पर आधारित है। एनसीईआरटी द्वारा जारी मॉड्यूल्स का उद्देश्य केवल शैक्षिक है और इसका मकसद छात्रों को भारत की अंतरिक्ष यात्रा के बारे में सरल व रोचक तरीके से जानकारी देना है।