Anganwadi workers के लिए खुशखबरी अब मिलेगा ₹24,800 का वेतन

Rashmi Kumari -

Published on: August 23, 2025

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Anganwadi workers: दोस्तों, ज़रा सोचिए… वो महिलाएँ जो गाँव-गाँव जाकर बच्चों की देखभाल करती हैं, गर्भवती माताओं का ख्याल रखती हैं और समाज के सबसे ज़रूरी कामों में लगी रहती हैं, उन्हें अब तक मामूली वेतन मिलता था। ₹10,000 जैसे छोटे से वेतन पर वह दिन-रात मेहनत करती थीं। लेकिन अब गुजरात हाई कोर्ट ने उनके लिए बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। यह फैसला न सिर्फ़ उनके लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मेहनत को मिली पहचान

Anganwadi workers के लिए खुशखबरी अब मिलेगा ₹24,800 का वेतन

गुजरात हाई कोर्ट ने साफ कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलने वाला वेतन उनके काम के हिसाब से बेहद कम था। बच्चों के पोषण, शिक्षा और माताओं की देखभाल जैसे गंभीर काम करने के बावजूद उन्हें इतनी मामूली रकम दी जाती थी, जो अनुच्छेद 21 के उल्लंघन जैसा है। यही वजह है कि कोर्ट ने इसे अन्यायपूर्ण मानते हुए वेतन में ज़बरदस्त बढ़ोतरी का आदेश दिया।

कितना बढ़ा वेतन

अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का वेतन ₹10,000 से सीधा बढ़कर ₹24,800 रुपये कर दिया गया है। वहीं सहायिकाओं का वेतन ₹5,500 से बढ़ाकर ₹20,300 रुपये कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी 100% से भी ज्यादा है और कार्यकर्ताओं के चेहरे पर मुस्कान ले आई है। अब उन्हें अपने काम की सच्ची कीमत मिल रही है।

कब से मिलेगा नया वेतन

अदालत ने आदेश दिया है कि नया वेतन 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा। इतना ही नहीं, पिछले पाँच महीनों का एरियर भी कार्यकर्ताओं को मिलेगा। इस फैसले से तकरीबन एक लाख से ज्यादा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएँ सीधे तौर पर लाभान्वित होंगी।

महिलाओं की ताकत को मिला नया सम्मान

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सिर्फ सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, वे हर गाँव और मोहल्ले में बच्चों की पहली शिक्षक, माताओं की मददगार और समाज की रीढ़ की हड्डी हैं। इस वेतन वृद्धि ने न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत की है बल्कि उन्हें यह भरोसा भी दिया है कि उनके काम की कद्र की जाती है।

उम्मीद की नई किरण

यह फैसला बाकी राज्यों के लिए भी एक मिसाल है। अगर हर राज्य अपने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सही वेतन दे, तो यह महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को और मजबूत करेगा। साथ ही, बच्चों और माताओं की देखभाल का स्तर भी और ऊँचा होगा।

अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सिर्फ अपने कर्तव्यों का पालन ही नहीं करेंगी बल्कि इज़्ज़त और आत्मनिर्भरता के साथ अपने जीवन को भी बेहतर बना पाएँगी।

Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी आधिकारिक फैसलों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी प्रकार की वित्तीय या कानूनी सलाह के लिए संबंधित विभाग से संपर्क करें।

Rashmi Kumari

मेरा नाम Rashmi Kumari है , में एक अनुभवी कंटेंट क्रिएटर हूं और पिछले कुछ वर्षों से इस क्षेत्र में काम कर रही हूं। फिलहाल, मैं The News Bullet पर तकनीकी, स्वास्थ्य, यात्रा, शिक्षा और ऑटोमोबाइल्स जैसे विषयों पर आर्टिकल लिख रही हूं। मेरा उद्देश्य हमेशा जानकारी को सरल और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक उसे आसानी से समझ सकें और उसका लाभ उठा सकें।

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