Ganesh chaturthi 2025: बप्पा के स्वागत में गूंजेगी खुशियों की घंटियाँ – जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Meenakshi Arya -

Published on: August 27, 2025

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Ganesh chaturthi नई दिल्ली, 27 अगस्त 2025 – हर साल की तरह इस बार भी घर-घर में उल्लास और भक्ति का माहौल बनने वाला है। गणेश चतुर्थी का पर्व शुरू हो गया है और बप्पा का आगमन भक्तों के जीवन में नई रोशनी, नई उम्मीद और नई शुरुआत लेकर आया है।

इस साल Ganesh chaturthi का शुभ पर्व 27 अगस्त 2025 से शुरू होकर 6 सितंबर तक चलेगा। यानी पूरे 10 दिन तक हर गली, हर घर, और हर दिल में गणपति बप्पा की गूंज सुनाई देगी।

Ganesh chaturthi:- शुभ मुहूर्त: बप्पा के स्वागत का सही समय

Ganesh chaturthi:- पंडितों और पंचांग की मानें तो इस साल गणपति स्थापना का पहला शुभ मुहूर्त सुबह 11:01 बजे से दोपहर 1:40 बजे तक है।
अगर किसी वजह से भक्त इस समय पूजा न कर सकें, तो दूसरा अच्छा समय दोपहर 1:39 बजे से शाम 6:05 बजे तक रहेगा।

यह समय इसलिए खास माना जाता है क्योंकि गणपति जी की स्थापना “शुभ चौघड़िया” में करने से जीवन में आने वाली सभी बाधाएँ दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है।

पूजा विधि: कैसे करें गणपति जी की स्थापना

गणेश चतुर्थी की पूजा उतनी ही सरल है जितनी दिल से की गई कोई प्रार्थना। भक्तों को बस इन बातों का ध्यान रखना है:

  • घर को साफ-सुथरा करके फूलों और रंगोली से सजाएँ।
  • पूजा स्थान पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर उस पर गणपति जी की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करें।
  • हाथ में जल, अक्षत (चावल) और फूल लेकर गणपति के प्रति अपनी श्रद्धा व व्रत का संकल्प लें।
  • ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करते हुए भगवान को पंचामृत से स्नान कराएँ।
  • इसके बाद मूर्ति को नए वस्त्र और आभूषण से सजाएँ, पुष्प अर्पित करें, और उनकी मनमाफ़िक लड्डू या मोदक जैसी मिठाई चढ़ाएं—गणेश जी के प्रिय भोग कहे जाने वाले
  • गणपति जी को लाल फूल, दूर्वा घास और सिंदूर अर्पित करें।
  • अंत में आरती करें और अपने मन की मनोकामनाएँ बप्पा के चरणों में अर्पित करें।

त्योहार की आत्मा: मिट्टी की मूर्ति और अध्यात्मिक सफ़र

इस Ganesh chaturthi पर मिट्टी की मूर्ति स्थापित करना इस पर्व का सबसे विशिष्ट हिस्सा है—इसमें प्रकृति से जुड़ने की भव्य अनुभूति छिपी होती है। मिट्टी को धारण करने वाली यह प्रतिमा न केवल पर्यावरण-संगत है, बल्कि आस्थाओं से भरे दिलों को बप्पा की सादगी का अहसास कराती है।

इस 10-दिनी पर्व में हर दिन की पूजा, भक्ति और मंगलकामनाएँ हमें अपने जीवन के रास्ते पर सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ती हैं। यह उत्सव भले स्वयं में सरल लगे, लेकिन यह हमारे संवेदनशीलता, आस्था, और परिवार की गर्मजोशी को पुनर्जीवित करने का अवसर होता है।

Ganesh chaturthi:- भक्ति और उल्लास का संगम

इन 10 दिनों तक हर जगह ढोल-नगाड़ों की आवाज़, आरती की धुन और भक्तिमय माहौल बना रहेगा। परिवार एक साथ बैठकर पूजा करेंगे, बच्चे फूल सजाएँगे, और बड़े-बुजुर्ग अपने अनुभव साझा करेंगे। यही वह पल है जब घर-परिवार के रिश्ते और भी मज़बूत होते हैं।

Ganesh chaturthi हमें यह भी सिखाती है कि जीवन में चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, बप्पा की तरह मुस्कुराते रहना चाहिए और हर बाधा को पार करना चाहिए।

निष्कर्ष

Ganesh chaturthi केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है—यह प्रेम, संस्कृति, और पारिवारिक बंधन का अद्वितीय संगम है। इस बार जब आप 11:01 से 1:40 बजे के बीच, या फिर दोपहर बाद 1:39 से शाम 6:05 बजे के शुभ समय में गणेश जी की पूजा करें—तो यह न सिर्फ एक रस्म होगी, बल्कि आपके जीवन में नए आरंभ का प्रतीक बनेगी।

गणेश चतुर्थी 2025 आपके जीवन में खुशियों और नई शुरुआत का अवसर लेकर आई है।
अगर आप शुभ मुहूर्त पर पूरी श्रद्धा और सादगी के साथ पूजा करेंगे, तो यह पर्व न केवल आपके घर को रोशनी से भर देगा, बल्कि आपके दिलों को भी सकारात्मकता से जोड़ देगा।

तो आइए, इस बार हम सब मिलकर गाएँ –
“गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया!”

Meenakshi Arya

मेरा नाम मीनाक्षी आर्या है। मैं एक अनुभवी कंटेंट क्रिएटर हूं और पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय हूं। वर्तमान में मैं The News Bullet के लिए टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य, यात्रा, शिक्षा और ऑटोमोबाइल्स जैसे विविध विषयों पर लेख लिख रही हूं।

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