Euro vs Dollar: मार्केट में जब भी अचानक बदलाव आता है, तो ट्रेडर्स की धड़कनें तेज़ हो जाती हैं। और ठीक यही हुआ है 20 जून 2025 को, जब EUR/USD (यूरो बनाम अमेरिकी डॉलर) की जोड़ी ने बाज़ार में जोरदार उछाल मारी। इस तेज़ उछाल ने न केवल पिछली कमजोरी को तोड़ा, बल्कि नए सकारात्मक संकेतों के साथ एक नई बुलिश राह पर कदम बढ़ा दिए।
Euro vs Dollar: EMA50 के पार पहुंचा EUR/USD, RSI ने दिखाए सकारात्मक संकेत

EUR/USD की इस मजबूती की शुरुआत उस समय हुई जब RSI (Relative Strength Index) ने ओवरसोल्ड ज़ोन से बाहर निकलकर तेज़ी के संकेत देने शुरू किए। इसके साथ ही इस जोड़ी ने 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA50) के ऊपर क्लोज़ देकर ये साबित कर दिया कि अब बाज़ार में नकारात्मक दबाव से निजात मिल चुकी है। यह सब मिलकर एक मजबूत बुलिश ट्रेंड लाइन को जन्म देता है, जो आने वाले समय में और सकारात्मक गति को सपोर्ट कर सकता है।
Euro vs Dollar: आने वाले समय में सतर्कता की ज़रूरत
हालांकि यह तेज़ उछाल एक राहत की खबर ज़रूर है, लेकिन मार्केट को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जैसे-जैसे यह जोड़ी ओवरबॉट ज़ोन की तरफ बढ़ती है, यह मुमकिन है कि एक अस्थायी दबाव फिर से देखने को मिले। इसलिए अब ज़रूरी हो गया है कि सपोर्ट लेवल्स पर EUR/USD की चाल पर नज़र रखी जाए।
Euro vs Dollar: उम्मीदें बरकरार लेकिन नजर बनाए रखना ज़रूरी

इस समय EUR/USD एक सकारात्मक फेज़ में है, लेकिन यह सफर कब तक स्थिर रहेगा, यह बाजार की अगली चाल पर निर्भर करेगा। निवेशकों और डे ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी बड़े निर्णय से पहले तकनीकी संकेतकों और सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तरों का गहराई से विश्लेषण ज़रूर करें।