विजय हज़ारे ट्रॉफी: Vaibhav Sooryavanshi ने उड़ाया बिहार का परचम, 36 गेंदों में शतकीय पारी

Meenakshi Arya -

Published on: December 24, 2025

Vaibhav Sooryavanshi: क्रिकेट के घरेलू सीज़न का एक बड़ा पर्व — विजय हज़ारे ट्रॉफी — इस बार भी रोमांचक मुकाबलों के साथ जारी है। इसी कड़ी में एक ऐसा नाम उभरा है जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा — vaibhav sooryavanshi। अपने अद्धभुत अंदाज़ की बल्लेबाज़ी से उन्होंने बिहार टीम के लिए 36 गेंदों में शतक जड़कर न सिर्फ मैच को रोमांचक मोड़ दिया, बल्कि दर्शकों के दिलों पर भी अपनी छाप छोड़ी।

आज के इस मैच में दर्शाया गया उनका खेल इतना दमदार था कि जिस मैदान पर वे बल्लेबाज़ी कर रहे थे, वहां हर कोई बस उनके स्ट्रोक्स की तारीफ़ कर रहा था।

मैच की बढ़ती कहानी: कैसे बदल गया खेल

जब Bihar की पारी शुरू हुई, तो शुरुआत बहुत आशाजनक नहीं लग रही थी। टीम को जल्दी ही दो बड़े विकेटों का झटका मिला और स्कोर कुछ खास नहीं दिख रहा था। लेकिन तभी vaibhav sooryavanshi ने बल्लेबाज़ी की पारी संभाली और तभी से खेल का रुख पूरी तरह बदल गया।

उनके पास बल्लेबाज़ी के लिए ज़रूरी संयम और साहस दोनों थे। शुरुआती कुछ ओवरों में उन्होंने धीमे-धीमे रन जोड़कर खुद को मैच की लय में ढाला। लेकिन जैसे-जैसे वह टॉप एज पर पहुंचे, उनके स्ट्रोकज़ ने एक-एक कर सभी गेंदबाज़ों की लाइन-लेंथ पर कब्ज़ा करना शुरू कर दिया।

36 गेंदों में शतकीय पारी — यह रिकॉर्ड हर किसी की नज़र में आया। हर चौके-छक्के ने दर्शकों की दाद पुख़्ता की, और विपक्षी टीम के चेहरे पर भी थोड़ा डर दिखा कि इन खिलाड़ी को रोकना इतना आसान नहीं।

बल्लेबाज़ी का तरीका — जब तकनीक मिले जोश से

vaibhav sooryavanshi की पारी में सबसे दिलचस्प बात थी उनका खेल का बैलेंस — एक तरफ़ तकनीक, दूसरी तरफ़ चुनिंदा विकेटों पर सटीक हमला। उन्होंने न सिर्फ़ गेंद को बाउंड्री के पार भेजा बल्कि बीच-बीच में रन लेना भी उतना ही स्मार्ट तरीके से किया।

उनकी शतकीय पारी में कई खास बातें थीं —

  • पॉवरप्ले के बाद छक्कों का सिलसिला,
  • गेंदबाज़ी लाइन को पढ़कर रन बनाना,
  • दबाव की स्थिति में भी संयम नहीं खोना।

जब वह 90 के पार आए, तो लगने लगा था कि आज पारी इतिहास के पन्नों में दर्ज होगी। और जब शतक पूरा हुआ, तो स्टेडियम में तालियाँ गूँज उठीं — बिहार टीम के लिए मैच का दाँव फिर से पटरी पर आने जैसा पल था।

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टीम पर असर: बिहार को नयी ऊर्जा

जैसा कि पहले भी कई बार देखा गया है कि जब कोई बल्लेबाज़ शानदार पारी खेलता है, तो पूरी टीम को उसका लाभ मिलता है। इसी तरह vaibhav sooryavanshi की पारी ने बिहार की टीम को नया ऊर्जा दिया।

पहले जहाँ टीम की स्थिति थोड़ी असमंजस में दिख रही थी, वहीं अब उनके पास एक मजबूत स्कोर खड़ा करने का अवसर था। खिलाड़ियों के चेहरों पर आत्मविश्वास दिखा और उन्होंने मिलकर खेल को एक मजबूत आधार पर ले जाने की कोशिश की।

पूर्व खिलाड़ियों और कमेंटेटरों का भी यही मानना था कि इतनी आक्रामक पारी आम नहीं देखी जाती — खासकर इस्मे जहां पर दबाव साफ़ दिख रहा हो।

विपक्षी टीम की रणनीति — और जवाब

जब vaibhav sooryavanshi ने बल्ला चलाना शुरू किया, तो विपक्षी टीम ने अपनी रणनीति बदल दी। उन्होंने स्पिन और तेज़ गेंदबाज़ी दोनों को इस्तेमाल किया, लेकिन Sooryavanshi को बांधना आसान नहीं था। वे हर नए बदलाव का सामना संयम से कर रहे थे और गेंदबाज़ों की रणनीति को सामंजस्य से पढ़ रहे थे।

कई बार गेंदबाज़ी में बदलाव होते हुए भी उन्हें रोका नहीं जा सका — उनकी आंखों में गेंदबाज़ की हर चाल पहले से नज़र आती थी और हर रन उनके आत्मविश्वास को और मज़बूत कर रहा था।

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निष्कर्ष:

समग्र रूप से यह शाम क्रिकेट प्रेमियों के लिए खास थी। जब vaibhav sooryavanshi ने 36 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, तो सिर्फ रन नहीं बने — एक विश्वास, एक ऊर्जा और एक यादगार लम्हा भी अंकित हुआ।

यह पारी दर्शाती है कि अगर खिलाड़ी में टैलेंट, धैर्य और आत्मविश्वास हो, तो वह किसी भी चुनौती को पार कर सकता है।

Meenakshi Arya

मेरा नाम मीनाक्षी आर्या है। मैं एक अनुभवी कंटेंट क्रिएटर हूं और पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय हूं। वर्तमान में मैं The News Bullet के लिए टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य, यात्रा, शिक्षा और ऑटोमोबाइल्स जैसे विविध विषयों पर लेख लिख रही हूं।

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