Lokaah Chapter 1: सुपरहीरो कहानियों का जिक्र आते ही हमारे दिमाग में हॉलीवुड फिल्मों की झलक सामने आ जाती है। लेकिन अगर वही कहानियां भारतीय लोककथाओं और हमारी अपनी संस्कृति से जुड़ जाएं, तो अनुभव कुछ अलग ही हो जाता है। निर्देशक डॉमिनिक अरुण की ‘लोकाह चैप्टर 1: चंद्रा’ ऐसी ही एक कोशिश है, जो मलयालम सिनेमा को सुपरहीरो जॉनर के नए मोड़ पर ले जाने का काम करती है।
28 अगस्त 2025 को रिलीज हुई इस फिल्म में कल्याणी प्रियदर्शन, नासलेन और सैंडी मुख्य किरदार निभा रहे हैं। फिल्म की शुरुआत से ही आपको एक रहस्यमयी दुनिया में खींच ले जाती है, जहां चंद्रा नाम की लड़की एक अनोखे मिशन पर बेंगलुरु आती है। शहर में लगातार लोगों के गायब होने और अंगों की तस्करी का सिलसिला चल रहा है। इस अंधेरे माहौल में चंद्रा अपनी रहस्यमयी शक्तियों के साथ उम्मीद की किरण बनकर सामने आती है।
कहानी और किरदारों की दुनिया

चंद्रा, जो ऊपर से एक साधारण लड़की लगती है, एक बेकरी में काम करती है। लेकिन उसके अजीब व्यवहार से सामने वाले तीन दोस्तों – सनी, चंदू और नायजिल – को जल्दी ही अहसास हो जाता है कि वह कोई साधारण इंसान नहीं है। उनकी जिज्ञासा उन्हें ऐसी दुनिया में ले जाती है, जहां अपराध, भ्रष्टाचार और रहस्य की परतें खुलने लगती हैं।
फिल्म में भ्रष्ट पुलिस अधिकारी नचियप्पा गौड़ा (सैंडी) की मौजूदगी कहानी को और गहराई देती है। जब यह सब किरदार चंद्रा की कहानी से टकराते हैं, तो दर्शक एक नए ब्रह्मांड से रूबरू होते हैं।
तकनीकी रूप से शानदार लेकिन कहानी में कमी

फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट बेहतरीन है। निमिष रवि की सिनेमैटोग्राफी, चमण चक्को की एडिटिंग और जेक्स बिजॉय का संगीत हर फ्रेम को जीवंत बनाता है। कई सीन ऐसे हैं, जो कॉमिक बुक की दुनिया से सीधे पर्दे पर आते हुए लगते हैं। लेकिन कहानी के लिहाज से फिल्म में कुछ क्लिशे हैं। अगर आपने पहले सुपरहीरो फिल्में देखी हैं, तो कई मोड़ आपको पहले से अंदाजा हो सकते हैं।
इसके बावजूद कलाकारों का अभिनय फिल्म को बांधे रखता है। कल्याणी प्रियदर्शन अपने रहस्यमयी और शक्तिशाली अंदाज से दर्शकों का दिल जीत लेती हैं। नासलेन और उनके दोस्तों की बातचीत फिल्म में हल्के-फुल्के हंसी के पल जोड़ती है। वहीं सैंडी अपनी निगेटिव भूमिका में दमदार साबित होते हैं।
‘लोकाह चैप्टर 1: चंद्रा’ मलयालम सिनेमा के लिए एक साहसिक कदम है। यह फिल्म भले ही कहानी के स्तर पर कुछ कमी छोड़ देती हो, लेकिन इसका वर्ल्ड-बिल्डिंग और तकनीकी स्तर बेहद प्रभावशाली है। यह पहला चैप्टर दर्शकों को कई सवालों के साथ छोड़ता है, जिनके जवाब हमें आने वाले हिस्सों में मिलेंगे।
अगर आप सुपरहीरो फिल्मों के प्रशंसक हैं और भारतीय रंग-ढंग में ढली एक नई दुनिया देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए है। कुल मिलाकर यह फिल्म 3/5 स्टार पाने लायक है और उम्मीद जगाती है कि आगे के चैप्टर और भी दमदार होंगे।
अस्वीकरण: यह रिव्यू केवल दर्शकों को जानकारी और मनोरंजन के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें व्यक्त विचार लेखक के व्यक्तिगत अनुभव और राय पर आधारित हैं।