Ola Electric: इस सप्ताह के शेयरों ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी और उत्सुकता दोनों तेज हो गई है। पिछले दो कारोबारी दिनों में शेयरों में लगभग 25% तक की रैली देखी गई है—जो कि बेकार प्रदर्शन के बाद निवेशकों को एक नयी उम्मीद दे रहा है।
शेयरों का हाल: गिरावट से उछाल तक का सफर

अगर हम Ola Electric के शेयरों के सफर को देखें तो यह किसी रोलरकोस्टर राइड से कम नहीं रहा।
- IPO के समय (अगस्त 2024): लिस्टिंग 42% प्रीमियम पर हुई थी, और निवेशकों ने सोचा था कि यह स्टॉक लंबे समय तक मुनाफा देगा।
- इसके बाद गिरावट: कंपनी के शेयर लगातार फिसलते रहे और महज कुछ महीनों में यह 70% तक टूटकर ₹157 से गिरकर ₹39.5 के स्तर तक आ पहुँचा।
- अब की स्थिति: मंगलवार और बुधवार को शेयरों में 8–14% की तेजी देखी गई और यह ₹51.33 तक पहुँच गया।
यानी, Ola Electric भले अभी भी अपने शिखर से बहुत नीचे हो, लेकिन इस हालिया उछाल ने निवेशकों को फिर से आकर्षित किया है।
क्या ₹57 का टार्गेट जल्द ही संभव है?
कुछ विश्लेषकों की उम्मीद है कि ₹57 का टार्गेट रेंज अभी दूर नहीं—हालांकि इस तक पहुंचने के लिए कंपनी के प्रदर्शन और कारोबारी माहौल पर आँख बनाए रखना जरूरी है।
कंपनी की नई रणनीतियाँ और प्रोडक्ट्स

Ola Electric ने हाल ही में कई बड़े कदम उठाए हैं, जिनसे निवेशकों में भरोसा लौटा है:
- नए मॉडल लॉन्च – Ola ने S1 Pro Sport और Diamondhead मोटरसाइकिल जैसे आधुनिक और आकर्षक मॉडल लॉन्च किए हैं।
- इन-हाउस बैटरी मैन्युफैक्चरिंग – कंपनी अब अपनी बैटरियाँ, मोटर्स और अन्य प्रमुख पार्ट्स खुद बना रही है। यह कदम इसे सप्लाई चेन की अस्थिरता से बचा सकता है।
- लक्ष्य – Ola Electric का लक्ष्य अगले 2–3 सालों में टू-व्हीलर ईवी मार्केट में 25–30% हिस्सेदारी हासिल करने का है।
ये रणनीतियाँ बताती हैं कि कंपनी सिर्फ अल्पकालिक लाभ पर नहीं, बल्कि लंबे समय तक टिकने वाले मॉडल पर काम कर रही है।
चुनौतियाँ अभी भी कम नहीं
हालांकि Ola Electric ने कई मजबूत कदम उठाए हैं, लेकिन चुनौतियाँ अभी भी बड़ी हैं:
बाजार हिस्सेदारी में गिरावट – कभी 50% हिस्सेदारी रखने वाली Ola अब केवल 20% तक सिमट चुकी है। TVS और Bajaj जैसी कंपनियाँ इसे पीछे छोड़ चुकी हैं।
वित्तीय दबाव – IPO से मिले ₹5,500 करोड़ के बावजूद, कंपनी अब भी नुकसान झेल रही है और निवेशकों को लंबे समय तक रिटर्न का इंतज़ार करना पड़ सकता है।
GST सुधारों का असर – सरकार पारंपरिक वाहनों पर कर दरों में बदलाव कर सकती है, जिससे EV सेक्टर को तगड़ी टक्कर मिल सकती है।
निवेशकों की भावनाएँ: डर और उम्मीद का संगम
निवेशक समुदाय में इस समय मिला-जुला माहौल है।
- जो लोग IPO के समय जुड़े थे, वे अब भी भारी घाटे में हैं।
- वहीं, नए निवेशक इसे “सस्ते दाम पर बड़ा मौका” मान रहे हैं और इसीलिए हाल ही में ट्रेडिंग वॉल्यूम भी तेजी से बढ़ा है।
- Ola Electric के CEO भाविश अग्रवाल की आक्रामक रणनीतियाँ कुछ निवेशकों को भरोसा दिलाती हैं, तो कुछ उन्हें बहुत जोखिम भरा मानते हैं।
लंबी अवधि बनाम छोटी अवधि
- शॉर्ट-टर्म निवेशक: अगर आप केवल छोटे मुनाफे की तलाश में हैं, तो मौजूदा ट्रेंड आपको ₹57 तक अच्छा रिटर्न दे सकता है।
- लॉन्ग-टर्म निवेशक: आपके लिए कंपनी की वित्तीय मजबूती, उत्पादों की सफलता और EV इंडस्ट्री की नीतियाँ देखना बेहद जरूरी होगा। अभी लंबी अवधि के लिए भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
निष्कर्ष: निवेशक कैसे सोचें?
Ola Electric का शेयर हाल ही में मजबूत उछाल के साथ लौट रहा है, लेकिन यह उतार-चढ़ाव भरा सफर लंबा और जोखिम से भरपूर है। यदि आप शॉर्ट-टर्म गेन पर ध्यान दे रहे हैं—विशेष रूप से ₹57 के टार्गेट के लिए—तो यह अवसर आकर्षक हो सकता है। फिर भी, यदि आपकी दृष्टि लंबी अवधि की है, तो कंपनी की मार्केट रणनीतियाँ, वित्तीय ठोसता और रिटर्न ट्रेंड को ध्यान से परखने की ज़रूरत है।