Mutual funds: आज देश की आर्थिक दुनिया से कई बड़ी और अहम खबरें आई हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी हैं और जिनका असर लाखों लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा। एक तरफ भारत के वीर जवानों के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एक विशेष कर्ज योजना शुरू की है, तो दूसरी तरफ वोडाफोन आइडिया का घाटा बढ़ने से टेलीकॉम सेक्टर में चिंता का माहौल है। इसके अलावा, म्यूचुअल फंड्स में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी भारतीय बाजार के भविष्य को उज्ज्वल संकेत दे रही है। आइए इन खबरों को एक-एक करके समझते हैं।
अग्निवीरों के लिए एसबीआई का सम्मान और सहयोग

भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने देश के वीरों के लिए एक खास तोहफा दिया है। बैंक ने अग्निपथ भर्ती योजना के तहत नियुक्त हुए अग्निवीरों के लिए एक विशेष पर्सनल लोन स्कीम शुरू की है। इस योजना के तहत वेतन खाता रखने वाले अग्निवीर बिना किसी गारंटी के चार लाख रुपये तक का कर्ज ले सकते हैं और सबसे खास बात यह है कि इस पर कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लगेगा।
ऋण की पुनर्भुगतान अवधि अग्निपथ योजना की अवधि के अनुरूप होगी, जिससे सैनिकों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा। साथ ही, 30 सितंबर 2025 तक सभी रक्षा कर्मियों को 10.50% की न्यूनतम ब्याज दर पर यह कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा। एसबीआई चेयरमैन सीएस शेट्टी ने कहा कि जो लोग हमारी आज़ादी और सुरक्षा की रक्षा कर रहे हैं, वे अपने भविष्य के निर्माण में हमारे पूरे समर्थन के हकदार हैं। यह कदम न सिर्फ वित्तीय सहायता है, बल्कि वीर जवानों के प्रति सम्मान और आभार का प्रतीक भी है।
वोडाफोन आइडिया का घाटा बढ़ा, कर्ज का बोझ भी भारी
दूसरी ओर, टेलीकॉम सेक्टर से आई खबर थोड़ी निराशाजनक है। वोडाफोन आइडिया का घाटा चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में बढ़कर 6,608 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 6,426.7 करोड़ रुपये था। कंपनी पर 30 जून 2025 तक बैंकों का बकाया कर्ज 1,944.5 करोड़ रुपये है। घाटा बढ़ने की मुख्य वजह वित्तीय लागत में बढ़ोतरी मानी जा रही है। यह स्थिति कंपनी के लिए मुश्किल पैदा कर सकती है, खासकर ऐसे समय में जब टेलीकॉम इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं ज्यादा कड़ी हो चुकी है।
म्यूचुअल फंड्स में निवेशकों का भरोसा
हालांकि, निवेश की दुनिया से एक सकारात्मक खबर आई है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में कुल 30 ओपन एंडेड स्कीमें लॉन्च हुईं, जिनके जरिए फंड हाउसों ने 30,416 करोड़ रुपये जुटाए। खास बात यह है कि खुदरा निवेशकों का इसमें बड़ा योगदान रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान समय में भारत पर वैश्विक कंपनियों का ध्यान बढ़ रहा है, खासकर विनिर्माण क्षेत्र में। यही कारण है कि कई फंड हाउस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ी नई स्कीमें ला रहे हैं। निप्पॉन इंडिया का मैन्युफैक्चरिंग ईटीएफ और मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स फंड फिलहाल निवेशकों के लिए खुले हैं और 20 अगस्त को बंद होंगे। भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से उभर रहा है, और एप्पल जैसी बड़ी कंपनियां अपना उत्पादन भारत में ला रही हैं, जिससे देश वैश्विक विनिर्माण हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर में जिंदल स्टील का योगदान

देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का एक और उदाहरण जिंदल स्टील ने पेश किया है। कंपनी के कर्मचारियों ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के उपलक्ष्य में प्रभावित सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए दो करोड़ रुपये का योगदान दिया है। यह राशि जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सौंपी। यह पहल दर्शाती है कि जब देश के सैनिकों की बात आती है, तो कॉर्पोरेट जगत भी पीछे नहीं रहता।
आज के आर्थिक अपडेट्स एक तरफ देश के वीर जवानों को सम्मान और सहयोग देने की मिसाल पेश करते हैं, तो दूसरी तरफ उद्योग और निवेश की दिशा भी दिखाते हैं। जहां एक ओर एसबीआई की योजना से अग्निवीरों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, वहीं म्यूचुअल फंड्स में बढ़ता निवेश भारत की आर्थिक मजबूती का संकेत देता है। हालांकि, वोडाफोन आइडिया जैसी कंपनियों की वित्तीय चुनौतियां यह याद दिलाती हैं कि विकास की राह में कठिनाइयाँ भी साथ चलती हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सभी जानकारियां विभिन्न वित्तीय और समाचार स्रोतों पर आधारित हैं। निवेश या वित्तीय निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें।